सोमवार, 26 अप्रैल 2010

गन्दी गंगा का कौन है गुनाहगार

भागीरथी की अतुल्या तपस्या के कारण स्वर्ग की नदी जो भगवन शिव की जटाओ में वास करतीहैधारतीपर आई जिस से भारतs के लोग अपने इस से मुक्ति पा सके जिस नदी का जल अमृत के समान है जिसके जल के लिए देवता तक तरसते है ये भारतीय इतिहास की सबसे मुख्या नदी होने के साथ साथ हिन्दुओ के आस्था का प्रतीक भी है और भ्गोलिक रूप से गंगा के आस पास की भोमी पूरी दुनिया मेसर्वधिक उपजाऊ है जिस नदी से देश के लोग अपने जीवका चला रहे हो आज वह नदी अपने अस्तिव्वा के लियी झूज रही है गंगा का उद्गृगम सथल ग्लोबल वार्मिंग के कारन दिनों दिन सिकुड़ रहे है। जिस से गंगा की शुद्धता में कमी आया रही है. हिमालय से गंगा वाला जल निकलने बंगाल की खादी तक विष बन जाता है। इसी नदी से इसकी आस पास के नगर, महानगरो से कोड़ा कचरा और कारखानों का प्रदोषित पानी, शव अदि गैर्जिमेदारी से बाही और फेकी जा रही है। यही कारन है की सुधता को चोट लग रही है यह करने से जहा प्रवाह बधित होता वहीस्की धार्मिक अआस्थाओ को ध्किका लगता है। प्रदोषण की कारन नदी मी वस्स करने वाले जेव मर रहे है क्या होगा बिन गंगा के जब हमारी पास सिचाई, खनिज और पीने के पानी का अभाव होग़ा।

भारत की संब्रधी की जननी और श्रधा का प्रतीक आस्था की निशानी जो विश्व प्रशिध हिमालय पर्वत के ग्लेशियर से निकली है। माना जाता है की पवित्र गंगा भगवन शिव की जटाओं में वास करती है और स्वर्ग की मुख्या नदी है। समुद्र ताल सी ३००० हजार किलोमीटर की उचे पर इस्थित गंगोत्री जू इस पवित्र का मुख्या भागोलिक उद्गम इस्थान है। यही वह इस्थान है झा बर्फ पिखाल कर गव्गा जल का रूओप लेती है। पर्यवारंविदू की मने तो यही वह इस्थान जो गंगा सबसे प्रदोषण रहित है। मान्यताओं के अनुसार यह यहे इस्थान है जो ऋषि, मुनिओ की ताप इस्थ्ली हुआ करती थी। लकिन प्रदोसंद के कारन अनुसार की कली छ्हाया आज गंगा के उद्गम इस्थल पर पद चुकी। जानकारे मुताबिक़ गंगा के ग्लेशियर गल रहे है जन्करू के मुताबिक गंगा के ग्लेशियर ४००० व् वेर्ष पहते तक फैलाए हुए थे। जिस से नदी में पर्याप्त भाव व शुद्धता बनी रहती थी। लकिन वर्तमान आकडे बताते है की गंगोत्री २५ मीटर हर वेर्ष की दर से सिकुड़ रहे है और यदि इस अनहोनी प्रक्रिया को न रोका गया तो २०३१ से २०४० तक गंगोत्री ग्लेशियर पूरी तरह विलुप्त हो जायगे।यही से गंगा उत्त्टर भारत के आती यह।

Rahul Tripathi

Mo 9305029350


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